उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को समग्र रूप से विकसित करने और विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं की श्रेणी में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उज्जैन में 2028 में प्रस्तावित सिंहस्थ महापर्व के लिए राज्य सरकार की तैयारियों का जिक्र करते हुए कहा कि आयोजन क्षेत्र में विकास कार्यों और जनसुविधाओं के लिए आगामी बजट में विशेष प्रावधान किया जाना चाहिए। उन्होंने सिंहस्थ 2028 के लिए सुनियोजित विकास और व्यापक जनसुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए केंद्र से विशेष बजटीय सहायता का अनुरोध किया।
श्री देवड़ा ने बताया कि विशेष पूंजीगत सहायता योजना के तहत प्रदेश का कुल पूंजीगत व्यय वित्तीय वर्ष 2022-23 में ₹46,798 करोड़ था, जो 2023-24 में 23% वृद्धि के साथ ₹57,348 करोड़ हो गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए इसे ₹64,738 करोड़ तक अनुमानित किया गया है।
उन्होंने राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और नि:शक्त पेंशन योजनाओं के वित्त पोषण की वर्तमान व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से सीमित वित्तीय सहायता से राज्य पर अतिरिक्त व्यय भार पड़ रहा है।
जल जीवन मिशन के तहत केंद्र सरकार से ₹1,422 करोड़ की शेष राशि जारी करने का आग्रह किया गया। साथ ही, 2024-25 के लिए केंद्र से ₹8,500 करोड़ की अपेक्षित राशि प्रदान करने का अनुरोध किया गया। श्री देवड़ा ने खाद्यान्न उपार्जन में विभिन्न मदों जैसे मंडी लेबर, परिवहन व्यय, भंडारण खर्च आदि पर केंद्र द्वारा निर्धारित दरों में पुनरीक्षण की मांग की।
ग्रामीण विकास के लिए केंद्र की वित्तीय सहभागिता: ग्रामीण सड़कों के रख-रखाव, स्वच्छ भारत मिशन, और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना में मध्यप्रदेश के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने केंद्र से 60:40 के अनुपात में वित्तीय सहभागिता की मांग की।
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