सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित प्रणालियों का उपयोग करके फसल उत्पादकता, स्थिरता और किसानों की आय में सुधार करने के लिए कई पहल की हैं। ये तकनीकें कृषि क्षेत्र की विभिन्न चुनौतियों का समाधान करने में मदद कर रही हैं। ‘किसान ई-मित्र’ सहित कुछ प्रमुख पहल इस प्रकार हैं:
‘किसान ई-मित्र’ एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वॉयस चैटबॉट है, जिसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना से जुड़ी किसानों की शंकाओं का समाधान करने के लिए विकसित किया गया है। यह समाधान 11 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है और इसे अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के लिए भी उन्नत किया जा रहा है। वर्तमान में, यह प्रतिदिन 20,000 से अधिक किसान प्रश्नों का समाधान कर रहा है और अब तक 92 लाख से अधिक प्रश्नों के उत्तर दिए जा चुके हैं।
राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (NPSS) को जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले फसल नुकसान को कम करने के लिए विकसित किया गया है। यह प्रणाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML) तकनीकों का उपयोग करके फसलों में कीट संक्रमण की पहचान करती है और समय पर उपाय करने में मदद करती है। यह 10,000 से अधिक कृषि विस्तार कार्यकर्ताओं द्वारा उपयोग की जा रही है। किसान इस प्रणाली के माध्यम से कीटों की तस्वीरें भेजकर संक्रमण की पहचान कर सकते हैं, जिससे फसल हानि को कम करने में सहायता मिलती है। वर्तमान में, यह 61 फसलों और 400 से अधिक प्रकार के कीटों का समर्थन करती है।
सैटेलाइट आधारित फसल निगरानी प्रणाली: सरकार सैटेलाइट इमेजिंग और फील्ड फोटोग्राफी का उपयोग करके AI-आधारित फसल विश्लेषण प्रणाली विकसित कर रही है। इस तकनीक का उपयोग फसल-जलवायु मिलान और फसलों की निगरानी के लिए किया जा रहा है, जिससे किसानों को बेहतर जानकारी मिल सके और कृषि उत्पादन बढ़ाया जा सके।
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