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गर्मी में इस तरह करें इन फसलों की देखभाल, किसानों के लिए जरूरी सुझाव और बचाव के उपाय

गर्मी में फसलों को बचाने के ये तरीके अपनाएं
गर्मी में फसलों को बचाने के ये तरीके अपनाएं

गर्मी का मौसम शुरू हो गया है, और आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने की संभावना है, इसलिए किसानों को अपनी फसलों की सही देखभाल करनी होगी। आईये जाने फसलों पर कोनसी दवा डालें।

इन दवा के छिड़काव से करें फसलों की देखभाल Take care of crops by spraying these medicines:

  1. गर्मी में गेहूं की फसल को बचाने के लिए 2% पोटेशियम नाइट्रेट या 0.2% म्यूरेट ऑफ पोटाश का छिड़काव करें।
  2. टमाटर, मिर्च और बैंगन की फसलों पर 2% नेफ्थेलिन एसिटिक एसिड (NAA) का छिड़काव करें ताकि फलों का विकास प्रभावित न हो।
  3. सरसों और तोरिया की पूरी तरह पक चुकी फसल की कटाई जल्द करें, जब 75-80% फलियां भूरे रंग की हो जाएं।

मूंग की बुवाई:

  1. उन्नत किस्मों जैसे पूसा विशाल, पूसा रत्ना, सम्राट, एसएमएल-668 आदि के बीजों का उपयोग करें।
  2. बुवाई से पहले बीजों को राइजोबियम और फास्फोरस सोल्यूबलाइजिंग बैक्टीरिया से उपचारित करें।
  3. बुवाई के समय खेत में नमी बनाए रखें।

सब्जियों और फसलों को कीटों से बचाव Protecting vegetables and crops from pests:

  1. टमाटर, मटर, चना और बैंगन की फसलों में फल छेदक कीट से बचने के लिए पक्षी बसेरा लगाएं और नष्ट फलों को जमीन में दबा दें।
  2. फेरोमोन ट्रैप @ 2-3 ट्रैप प्रति एकड़ लगाकर कीटों की निगरानी करें।
  3. यदि कीट अधिक हों तो बीटी (B.T.) @ 1 ग्राम/लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
  4. चेपा कीट के अधिक होने पर इमिडाक्लोप्रिड @ 0.25 मि.ली./लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।

रोगों से बचाव:

  1. मटर और बेल वाली सब्जियों में चूर्णिल आसिता रोग के लक्षण दिखें तो कार्बेंडाजिम @ 1 ग्राम/लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
  2. प्याज की फसल में थ्रिप्स की निगरानी करें और जरूरत पड़ने पर डाईथेन एम-45 का छिड़काव करें।

गर्मियों में सब्जियों की बुवाई:

  1. भिंडी, लौकी, खीरा, तोरई, चौलाई और मूली (पूसा चेतकी) जैसी सब्जियों की बुवाई के लिए अभी तापमान अनुकूल है।

किसान इन सुझावों को अपनाकर अपनी फसलों को गर्मी और कीटों से सुरक्षित रख सकते हैं।

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