IFFCO इतिहास में पहली बार भारत में अपनी महासभा और वैश्विक सहकारी सम्मेलन का आयोजन करेगा, जो देश के बढ़ते सहकारी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इफको के अध्यक्ष दिलीप संघानी ने घोषणा की कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (ICA) अपने 130 सालों के IFFCO 17 अन्य ICA सदस्य संगठनों के सहयोग से इस आयोजन की मेजबानी करेगा, जो 25 से 30 नवंबर 2024 के बीच नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जायेगा। संघानी ने इस भव्य सहकारी कार्यक्रम की जानकारी दी। यह आयोजन भारत के सहकारी क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
संघानी ने कहा, अमित शाह के नेतृत्व वाले मंत्रालय ने कई प्रमुख निर्णय लिए हैं, जिनसे भारत के सहकारी आंदोलन को वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित किया गया है। चाहे वह कर सुधार हो, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना हो, या PACS का कंप्यूटरीकरण इन सभी महत्वपूर्ण सुधारों को अमित शाह के नेतृत्व में लागू किया गया है। सहकारिता सभी के लिए समृद्धि का द्वार थीम पर आधारित यह कार्यक्रम भारतीय सहकारी समितियों को वैश्विक मंच पर उच्च पहचान दिलाने का काम करेगा।
कार्यक्रम के दौरान संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 की आधिकारिक घोषणा भी की जाएगी। सम्मेलन में भूटान के प्रधानमंत्री, संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (यूएनईसीओएसओसी) के अध्यक्ष, अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन के अध्यक्ष, फिजी के उप प्रधानमंत्री और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। आईसीए ग्लोबल कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य सहकारी संस्थानों को मानवीय और उद्देश्यपूर्ण बनाना तथा वैश्विक सहयोग को प्रेरित करना है।
कार्यक्रम में चार मुख्य उप-थीमों पर चर्चा होगी: नीतियों और उद्यमशीलता के पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण, सहकारी पहचान की पुनः पुष्टि, समृद्धि के लिए सार्थक नेतृत्व का पोषण, और 21वीं सदी में समृद्धि के लिए भविष्य का निर्माण। इस कार्यक्रम से उत्पन्न कार्बन उत्सर्जन की भरपाई के लिए अनुमानित 4,000 पेड़ लगाने की आवश्यकता है। गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 10,000 पीपल के पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है, और यह वृक्षारोपण अभियान पहले ही शुरू हो चुका है। कार्यक्रम को शाकाहारी और पूर्ण रूप से शराब-मुक्त रखा जाएगा।