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एआई-इंगेज के साथ कृषि में नई संभावनाएं, जानें कैसे एआई-इंगेज कृषि उत्पादकता बढ़ा रहा है

कृषि में AI का जादू
कृषि में AI का जादू

क्वाड एआई-इंगेज पहल के तहत संयुक्त शोध प्रस्तावों के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इस पहल के अंतर्गत अमेरिका के नेशनल साइंस फाउंडेशन (NSF), जापान साइंस एंड टेक्नोलॉजी एजेंसी (JST), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), और ऑस्ट्रेलिया के कॉमनवेल्थ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (CSIRO) ने कृषि में उभरती तकनीकों के साथ अनुसंधान सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

2050 तक वैश्विक खाद्य चुनौतियों से निपटने का प्रयास:

2050 तक वैश्विक जनसंख्या के 9.7 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे खाद्य की मांग और भूमि एवं जल संसाधनों की खपत में अत्यधिक वृद्धि होगी। इन बढ़ती चुनौतियों का समाधान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोगात्मक अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से खोजा जा सकता है। एआई-इंगेज पहल के तहत, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, संचार और सेंसिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में शोध करने के लिए अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिक संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को अधिक उत्पादकता और स्थिरता प्राप्त करने में मदद करना है, जिससे वैश्विक कृषि में सुधार और लचीलापन सुनिश्चित किया जा सके।

AI-ENGAGE पहल के लक्ष्य:

इस पहल का उद्देश्य क्वाड देशों (ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका) के बीच अनुसंधान सहयोग को मजबूत करना और कृषि में महत्वपूर्ण तकनीकी अनुसंधान का प्रभाव बढ़ाना है। इस पहल के अंतर्गत शोधकर्ताओं को संयुक्त रूप से अनुसंधान प्रस्ताव जमा करने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिनमें कम से कम तीन क्वाड देशों के शोधकर्ताओं का सम्मिलित होना आवश्यक है। 

एआई और रोबोटिक्स के ज़रिए कृषि में सुधार:

शोध प्रस्तावों का लक्ष्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, सेंसिंग और संचार क्षेत्रों में कृषि के अनुप्रयोगों को उन्नत करना है। शोध का उद्देश्य किसानों को उत्पादकता बढ़ाने, स्थिरता बनाए रखने और कृषि को अधिक लचीला बनाने में मदद करना होना चाहिए। संभावित अनुसंधान विषयों में एआई-सक्षम फसल योजना और निगरानी, रोबोटिक्स के माध्यम से कृषि कार्यबल की दक्षता में सुधार, भूमि और जल संसाधनों का प्रबंधन, आदि शामिल हो सकते हैं।

AI-ENGAGE पहल में भारतीय शोधकर्ताओं के लिए ICAR से समर्थन: भारतीय शोधकर्ता, जो AI-ENGAGE पहल के अंतर्गत प्रस्ताव प्रस्तुत करने वाले सहयोगी दल का हिस्सा हैं, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) से समर्थन प्राप्त करने के पात्र हैं, ताकि AI-ENGAGE प्रस्तावों का दायरा और प्रभाव बढ़ाया जा सके। 

शोध प्रस्ताव के लिये वित्तीय अनुदान:

  1. अमेरिकी प्रस्तावों के लिए प्रस्तावक NSF से $400,000 तक की धनराशि और तीन साल की अवधि का अनुदान अनुरोध कर सकते हैं। 
  2. जापानी प्रस्तावों के लिए, प्रस्तावक JST से 60,000,000 जापानी येन (अप्रत्यक्ष लागत सहित) तक की धनराशि और तीन साल की अवधि का अनुदान अनुरोध कर सकते हैं। 
  3. भारतीय प्रस्तावों के लिए, प्रत्येक संयुक्त प्रस्ताव के लिए 30,000,000 रुपये तक की धनराशि और तीन साल की अवधि का अनुदान अनुरोध किया जा सकता है।
  4. ऑस्ट्रेलियाई प्रस्तावों के लिए, कोई सीधा वित्तीय अनुदान नहीं मांगा जा सकता।
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