मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अधीन मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत एक नई केंद्रीय क्षेत्र उप-योजना के रूप में लागू किया जा रहा है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक चार वर्षों की अवधि के लिए चलाई जाएगी, जिसका अनुमानित बजट ₹6000 करोड़ निर्धारित किया गया है। वर्तमान में PM-MKSSY के तहत ₹11.84 करोड़ की राशि स्वीकृत की जा चुकी है।
एकमुश्त प्रोत्साहन राशि: PM-MKSSY के Component 1-B के तहत जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) किसानों को बीमा खरीदने पर एकमुश्त प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। इस प्रोत्साहन का लाभ 4 हेक्टेयर तक के जल फैलाव क्षेत्र वाले मत्स्य पालन फार्मों को मिलेगा। प्रोत्साहन राशि - किसानों को बीमा प्रीमियम के कुल खर्च का 40% प्रोत्साहन के रूप में मिलेगा। अधिकतम सीमा - प्रति हेक्टेयर जल फैलाव क्षेत्र के लिए अधिकतम ₹25,000, जबकि 4 हेक्टेयर तक के फार्म के लिए अधिकतम ₹1,00,000 तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
अन्य जलीय कृषि प्रणालियाँ:
PM-MKSSY के Component 3 के तहत मत्स्य पालन सूक्ष्म और लघु उद्यमों को सुरक्षा और गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली अपनाने के लिए परफॉर्मेंस ग्रांट दी जाएगी। सूक्ष्म उद्यम, सामान्य श्रेणी के लिए कुल निवेश का 25% या ₹35 लाख (जो भी कम हो)। SC, ST और महिला उद्यमियों के लिए 35% या ₹45 लाख (जो भी कम हो)। लघु उद्यम, सामान्य श्रेणी के लिए 25% या ₹75 लाख (जो भी कम हो)। SC, ST और महिला उद्यमियों के लिए 35% या ₹100 लाख (जो भी कम हो)। ग्राम स्तरीय संगठन (VLOs), स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के संघ, मत्स्य किसान उत्पादक संगठन (FFPOs) और सहकारी समितियों के लिए, 35% या ₹200 लाख (जो भी कम हो)।
PM-MKSSY से मत्स्य किसानों को लाभ:
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